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NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs with Answers

Bhartiye Shiksha Pranali

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs with Answers. Important MCQs for upcoming Examination of DELED Course code 501. Read carefully all the questions with answers.

Bhartiye Shiksha Pranali

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs-set-1

1 . वर्ष 2015 के पहले कितने अप्रशिक्षित अध्यापको को प्रशिक्षण की आवश्यकता है ?
उत्तर :- लगभग 10 लाख

 

2 . हम जानते है प्रारम्भिक शिक्षा का सर्विकीकरण आज एक वैशिवक चिंता का विषय बन गया है | शिक्षा के इस सर्विकीकरण को किस तरह स्थान दिया गया ?
उत्तर :- सहस्राब्दी विकाश के लक्ष्यों ( MDGs )

 

3. इतिहास में विख्यात किस विदूषी महिलाओ का नाम आता है ?
उत्तर :- गार्गी , अत्रेयी , कौशल्या , तारा , द्रौपदी इत्यादि |

 

4. प्राचीन उच्च शिक्षा के अंतर्गत किस बारे में गहन अध्ययन किया जाता था ?
उत्तर :- उच्च शिक्षा के अंतर्गत व्याकरण , इतिहास , पौराणिक कथाएँ , वेदों , तर्क शाश्त्र , राज्य तंत्र , युद्ध कला , विज्ञानं और ललित कला का गहन अध्ययन सम्मिलित था |

 

5. जीवन की चार अवस्थाओं क्या था ?
उत्तर :- प्राचीन शिक्षा प्रणाली में जीवन के चार अवस्थाओं इस प्रकार है |
ब्रहमचर्याश्र्म , गृहस्थाश्रम , वानप्रस्थाश्रम , संयासाश्र्म

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs set-2

6. भारतीय शिक्षा प्रणाली में शिक्षा के विभिन्न अंग का नाम बताइए ?
उत्तर :- चौदह विधाओ / विद्ता संबंधी विज्ञानं तथा 64 कलाओं शिक्षा के विभिन्न अंग होते थे

 

7. कुरुकुल को चलने के लिए कितने फीस जमा करना होता था ?
उत्तर :- कुरुकुल में शिक्षा बिलकुल नि:शुल्क थी परन्तु गुरुकुल को चलने के लिए सभी भिक्षा (मधुकरी) के रूप में मांगनी पड़ती थी |

 

8. गुरुकुल में सभी विधार्थी के लिए पिता समान , माता-पिता या संरक्षक के समान व्यवहार करने वाला कौन होता था ?
उत्तर : गुरुकुल का गुरु

 

9. कुरुकुल में किस व्यक्ति को किस व्यक्ति को पहचान , नियुक्ति तथा आदर होता था ?
उत्तर :- जो व्यक्ति वास्तव में एक विद्वान एक उत्कृष्ट विशेषग्य तथा अध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध व्यक्ति समझा जाता था |

 

10. प्राचीन भारत में गुरु की भूमिका तथा उसके दायित्व क्या है ?
उत्तर :- प्राचीन भारत में गुरु को विभिन्न प्रकार की भूमिकाए संपादित करनी होती थी | वह विधार्थियों के लिए माता-पिता की , अध्यापक की एक विद्वान की , एक धर्म प्रचारक की , तथा एक मित्र एक दार्शनिक तथा पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाता था |
विधार्थियों के आवश्यकताओ को व्यक्तिगत रूप से देखभाल करता था | यह देखना गुरु का ही कर्तब्य था | की विधार्थी विकाश कर रहा है और गुरु स्वयं के संतुष्टि से प्रगति कर रहा है | अध्यापक और शिष्य में पिता और पुत्र की तरह अत्यंत गहन या आन्तरिक सबंध होता था |

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs set-3

11. गुरुकुल में प्रवेश परीक्षाएं किस उच्च शिक्षा के जाने-माने केंद्र पर होती थी ?
उत्तर :- ये परीक्षाएं उच्च जाने – माने केंद्र जैसे तक्षशिला , नालंदा , विक्रमशिला , वल्लभी , नाडिया , काँची , बनारस इत्यादि स्थानों पर आयोजित की जाती थी |

 

12. गुरुकुल में शिक्षा किस आधार पर दी जाती थी ?
उत्तर :- गुरुकुल में विशेषता रही है की इनमें शिक्षा व्यक्तिगत अधार पर दी जाती थी |

 

13. व्यवसायिक अध्यापक बनने के लिए क्या करना होगा ?
उत्तर :- व्यावसायिक अध्यापक बनने के लिए विभिन्न कौशलो / गुणों को सीखना पड़ेगा | उनमे प्रवीणता प्राप्त करनी पड़ेगी | उन्हें आत्मसात करना होगा और दुसरे व्यक्तियों के साथ अपनी अन्योन्यक्रिया में निदर्शित करना होगा |

 

14. व्यवसायिक अध्यापक बनने में सहायक गुणों को लिखिए ?
उत्तर :- व्यावसायिक अध्यापक बनने में कुछ गुण निम्नलिखित हो सकते है |
(i) प्रभावनीय तथा सकारात्मक – साकारात्मक रूप से सोचिए तथा दूसरो को भी साकारात्मक बनने के लिए प्रोत्साहित कीजिए |
(ii) अभिव्यक्तिशील – दूसरो के साथ विचारो का अदान प्रदान और प्रभावी संप्रेषण को प्रोत्साहित कीजिए |
(iii) एक अच्छा श्रोता :- विधार्थियों की बातो को समनुभुतिपुर्वाक सुनिए |
(iv) प्रीतिकर व्यवहार :- दूसरो के साथ साकारात्मक तथा पारस्परिक कार्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए तथा उन्हें जरी रखें | वैयकित्क अन्योंक्रिया तथा लगाव के द्वारा विश्वास के वातावरण का निर्माण कीजिए |
(v) व्यवस्थित / संगठित :- योजनाबद्ध तथा क्रमबद्ध तरीके से कार्य करे |
(vi) आत्मविश्वासी तथा संतुलित :- बच्चो को सकरात्मक आत्म संप्रत्यय विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें |
(vii) अभिप्रेनात्मक :- कुछ मनको तथा अपेक्षाओ को संजोए |
(viii) संवेदनशील/सहानुभूतिशील :- दूसरो को ध्यान रखने वाला प्रनुभुतिशील या भावनात्मक स्तर पर अन्य व्यक्तियों के अनुक्रिया करने में सक्षम अपने पिचरो तथा भावनाओ में खुला तथा दूसरो को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने वाला होना चाहिए |
(ix) नम्य :- दूसरो की सहायतार्थ अपनी योजनाओ और दिशाओ को बदलने में सक्षम होना चाहिए |
(x) मूल्य आधारित :- मानव की योग्यता तथा समान पर केन्द्रित करने वाला |
(xi) सृजनात्मक :- बहुमुखी , नवाचारी , तथा नए विचारो के प्रति प्रभावनीय न्यायोचित रहने का प्रयास करने वाला |

 

15. जून 2011 के अंत तक मोबाइल फ़ोन का कितने उपभोक्ता थे ?
उत्तर :- 851.70 मिलियन

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs-set-4

16. जून 2011 के अंत तक टेलीफोन कनेक्शन का कितने उपभोक्ता थे ?
उत्तर :- 855.99 मिलियन टेलीफोन उपभोक्ता

 

17. अध्येता की स्वायत्ता से क्या समझते है ?
उत्तर :- शैक्षणिक क्रियाएं इस प्रकार से परिवर्तित हो रही है | जिसमे अध्येताओ की स्वायत्ता का समान हो | अध्येता को सर्वोच माना जाता है | जिसके पास अपनी अधिगम कार्यनीतियाँ चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है | नई अधिगम क्रियाए जैसे स्व: अध्ययन , सहयोगात्मक / सहकारी अधिगम , ई लर्निंग तथा ब्लाडिड लर्निंग , समूह अधिगम , कार्य करना विकसित होना , अध्यापको , अध्याताओ का समूह / सोशल नेट वोर्किंग जैसे ब्लॉग / फेसबुक/ ट्विटर/ इत्यादि सम्मलित है |

 

18. लॉरीलार्ड्स कर्वसेशन माडल में अध्यापक के लिए चार प्रकार की कौन सी भूमिकाएं का जिक्र है ?
उत्तर :- लॉरीलार्ड्स कर्वसेशन माडल में अध्यापक के लिए चार प्रकार की भूमिकाए निम्नलिखित है |
(i) अध्यापक के तर्कमुलक विधि
(ii) अनुकूलि विधि
(iii) अन्योंयक्रियात्मक विधि
(iv) विमर्शक विधि

 

19. ब्रिटिश संसद ने कब ईस्ट इंडिया कंपनी को यह आदेश दिया की वह प्रत्येक वर्ष साहित्य के पुन : जीवन, भारत के बिदेशी प्रोत्साहन, तथा ब्रिटिश क्षेत्रो के वासियों में विज्ञानं के ज्ञान के संस्थापन तथा उन्नयन के लिए अलग से एक लाख रुपए की धनराशी का प्रावधान करें ?
उत्तर :- सन 1913 में

 

20. ईस्ट इंडिया कंपनी के समय किस महारानी के द्वारा शिक्षा के लिए सरकारी रूप से बितिय व्यवस्था की गई ?
उत्तर :- महारानी बर्तानिया

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs set-5

21. लॉर्ड मकॉले; भारत के लिए बनी किस परिषद् का सदस्य था ?
उत्तर :- सर्वोच काउंसिल (परिषद)

 

22. लॉर्ड मकॉले भारत कब आया था ?
उत्तर :- 1834

 

23. लॉर्ड मकॉले जब भारत आया, उस समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था ?
उत्तर :- विलियम बैटिक

 

24. लॉर्ड मकॉले किस कंपनी का चेयरमैन था ?
उत्तर :- जनरल कमिटी ऑन पुब्लिक इंस्ट्रक्शन

 

25. मकॉले ने संस्कृत तथा अरबी भाषाओँ के तुलना में किस भाषा को प्राथमिकता देता था ?
उत्तर :- अंग्रेजी भाषा

 

27महात्मा गाँधी ने वर्धा कांफ्रेंस में बेसिक एजुकेशन (बुनियादी शिक्षा) का प्रस्ताव कब रखा ?
उत्तर :- सन 1937

NIOS Deled 501 Bhartiye Shiksha Pranali-I MCQs set-6

28. प्रथम बार वुड्स डिस्पैच के द्वारा देश के किस पांच प्रान्तों (जगह) में डिपार्टमेंट ऑफ़ पब्लिक इंस्ट्रक्शन खोला गया ?
उत्तर:- बंगाल / बाम्बे / मद्रास / पंजाब तथा नार्थ वेस्ट

 

29. हंटर कमिशन की स्थापना क्यों और कब की गई ?
उत्तर :- वुड्स डिस्पैच की अनुशंसाओ के कार्यन्वयन की जाँच करने हेतु सन 1982 में हंटर कमिशन का गठन की गई |

 

30. ब्रिटिश शासन में स्थापित विश्वविधालयो की अवस्था तथा भविष्य के जाँच करने के उदेश्य से एक नए आयोग की स्थापना कब की गई?
उत्तर :- सन 1902

 

31. सैडलर आयोग से क्या समझाते है ?
उत्तर :- महत्वपूर्ण विकाश , जैसा की सैडलर आयोग सन 1917 ने महसूस किया , विश्वविद्यालयी सुधार की दृष्टि से माध्यमिक शिक्षा में सुधार लाने की आवश्यकता में पूर्ति थी| यह मामला कालेज शिक्षा के द्विशाखन के कारन भी उतपन्न हुआ | सैडलर आयोग ने उच्च शिक्षा के द्विशाखन की संतुष्टि मैट्रिकुलेशन के परीक्षा के बाद की बजाए इंटरमीडिएट परीक्षा के पश्चात् के लिए की और इंटरमीडिएट कालेजो की स्थापना का सुझाव दिया | जिनमे कला , विज्ञानं , चिकित्सा , इंजीनियरिंग अध्यापन आदि की शिक्षा का प्रावधान था |
सैडलर आयोग की रिपोर्ट काफी व्यापक थी | और भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने इस आयोग के सुझाव को स्वीकार कर लिया | यह पहली बार हुआ की किसी आयोग ने इंटरमीडिएट कक्षाओ को हाई स्कूल के साथ जोड़ा और हाई स्कूल इंटरमीडिएट शिक्षा के नियंत्रण हेतु बोर्ड ऑफ़ एदुकतीओन बनाया |

 

32. हर्टग समिति की स्थापना क्यों और कब की गई ?
उत्तर :- देश में शिक्षा की स्थिति की जाँच करने के उदेश्य से सन 1929 में हर्टग समिति की स्थापना की गई |

 

33. सपरू समिति की नियुक्ति कब हुआ था ?
उत्तर :- सपरू समिति का नियुक्ति सन 1934 (उत्तर प्रदेश ) में हुआ |

 

34. शिक्षा प्रणाली में सपरू समिति के चार सुझाओ को लिखिए ?
उत्तर :- सपरू समिति का निम्नलिखित सुझाव है |
(i) माध्यमिक स्तर पर विविध पाठ्यक्रम लागु किए जाए जिनमे से एक विश्वविद्यालय डिग्री की ओर ले जाता हो |
(ii) इंटरमीडिएट स्टेज को समाप्त कर दिया जाए और माध्यमिक शिक्षा की अवधि एक वर्ष और बढ़ा दी जाए |
(iii) अवर – माध्यमिक स्तर से ही व्यवसायिक शिक्षा प्रशिक्षण आरंभ कर दिया जाए |
(iv) विश्वविद्यालय के डिग्री स्तर के पाठ्यक्रमो को तिन वर्ष का कर दिया जाए |

 

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