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BPS05 भारत में सरकार और राजनीति – परीक्षा का मुख्य प्रश्न उत्तर – JAMIA BAG

BPS05

BPS05 भारत में सरकार और राजनीति ( Government and Politics in India ) – परीक्षा का मुख्य प्रश्न उत्तर – JAMIA Bachelor in Arts ( BAG ) जामिया CDOL वार्षिक परीक्षा मॉडल प्रश्न पत्र – BPS05

BPS05

Course Title – भारत में सरकार और राजनीति ( Government and Politics in India )

Course Code – BP05


BPS05 भारत में सरकार और राजनीति ( Government and Politics in India ) – Solved Question

Q1. भारतीय संविधान के प्रस्तावना की प्रकृति और उद्देश्यों की चर्चा कीजिए ।
Discuss the nature and objectives of Preamble of Indian Constitution.

उत्तर:

भारतीय संविधान के प्रस्तावना की प्रकृति

  1. विश्व के समस्त संविधान को दो भागों में बांटा जा सकता है –
  • संघात्मक संविधान
  • एकात्मक संविधान
  1. संघात्मक संविधान के आवश्यक लक्षण निम्नवत् हैं
  • लिखित संविधान
  • संविधान की सर्वोच्चता
  • संघ तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन
  • संविधान की अपरिवर्तनशीलता
  • स्वतंत्र न्यायपलिका
  • केन्द्र तथा राज्यों में पृथक सरकारें
  1. यद्यपि संघात्मक संविधान के सभी आवश्यक तत्व भारतीय संविधान में मौजूद होने के कारण इसे संघात्मक संविधान माना जाता है किन्तु कुछ विशेष परिस्थितियों में भारतीय संविधान एकात्मक का रूप ले लेता है।
  2. भारतीय संविधान निम्नलिखित परिस्थितियों में एकात्मक स्वरुप ग्रहण कर लेता है –
  • आपातकालीन परिस्थितियों में
  • राज्यपालों की नियुक्ति के समय
  • संसद द्वारा नए राज्यों के निर्माण
  • राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषयों पर संसद द्वारा विधि बनाना
  • केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को निर्देश देने की शक्ति
  • राज्यपाल का विधानमण्डल द्वारा पारित कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित करना
  • केन्द्र द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के माध्यम से राज्य पर नियंत्रण रखना
  1. उक्त विवरण से स्पष्ट होता है कि भारतीय संविधान में एकात्मक तथा संघात्मक दोनों लक्षण पाये जाते हैं। इस प्रकार इसे ‘अर्ध्दसंघात्मक’ संविधान कहा जा सकता हैं। डॉ. भीमराव अम्बेडकर का संविधान की प्रकृति के सम्बन्ध में अभिमत था कि यह समय और परिस्थितियों की मांग के अनुसार एकात्मक और संघात्मक हो सकता है।
  2. व्हीलर के अनुसार भारत का संविधान अर्ध्दसंघीय है, जबकि ऑस्टिन के अनुसार भारत का संविधान ‘सहकारी परिसंघीय’ संविधान है। उच्चतम् न्यायालय ने भी अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि भारत का संविधान संघीय नहीं है, अद्यपि इसमें संघीय संविधान के कई लक्षण पाये जाते हैं।
  3. भारतीय संविधान न तो विशुध्द रूप से संघात्मक है और न ही एकात्मक बल्कि य संघात्मक एवं एकात्मक का सम्मिश्रण है और यह अपने ढंग का एक अनोखा संघ है। अतः यह कहा जा सकता है कि भारतीय संविधान एकात्मक के साथ संघात्मक है।

भारतीय संविधान के प्रस्तावना के उद्देश्य

मूल संविधान की प्रस्तावना 85 शब्दों से निर्मित थी। 1976 में संविधान के 42 वें संशोधन द्वारा उसमें समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष और अखण्डता शब्दों को जोड़ दिया गया। इस संशोधन के बाद संविधान की प्रस्तावना का वर्तमान स्वरूप निम्नवत है –

“हम भारत के लोग भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों कोः

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय

विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास धर्म और उपासना की स्वतत्रता

प्रतिष्ठा और अवसर की समता

प्राप्त करने के लिए

तथा उन सब में

व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता

और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बन्धुता बढाने के लिए

दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्वारा इस संविधान को अंगीकृत,  अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

  1. सत्ता का स्रोतइस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। इससे इस तथ्य का बोध होता है कि संविधान किसी वैदेशिक सत्ता या किसी वर्ग विशेष द्वारा भारतवासियों पर आरोपित नहीं किया गया है वरना जनता ने स्वयं इसे बनाया है, इसे स्वीकार किया है और स्वयं अपने को दिया है अर्थात् अपने ऊपर लागु किया है। दूसरे शब्दों में जनता शासक भी है और शासित भी।
  1. राज्य और सरकार का स्वरूप: प्रस्तावना का दूसरा भाग इस बात को निश्चित करता है कि राज्य और सरकार का स्वरूप क्या होगा। इसे बताने के लिए प्रस्तावना में पाँच शब्दों का प्रयोग किया गया है। संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य।
  2. न्यायसामाजिक, आर्थिक और राजनैतिकप्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हे। सामाजिक न्याय का अर्थ यह है कि सभी नागरिकों को उनके धर्म, जाति, वर्ग के आधार पर भेदभाव किए बिना, अपने विकास के समान अवसर उपलब्ध हों और समाज के दुर्बल वर्गो का शोषण न किया जाए। आर्थिक न्याय से अभिप्राय यह है कि उत्पादन के साधनों का इस तरह वितरण किया, जाए कि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का शोषण न कर सके और उत्पादन के साधनों का सार्वजनिक हित में प्रयोग किया जाए।
  3. संविधान का अधिनियमन: प्रस्तावना के अन्त में संविधान को अंगीकृत करने का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि (हम भारत के लोग.). दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई0 को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत,  अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था और उसी दिन अनुच्छेद 394 तथा उसमें उल्लिखित 15 अन्य अनुच्छेद लागु कर दिए गए थे। संविधान के शेष उपबन्ध 26 जनवरी 1950 को लागु किए गए। 

UNSOLVED LONG QUESTION ANSWERS

Q1. भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना पर प्रकाश डालिए।

Q2. भारतीय संविधान की रचना संबंधी विभिन्न पक्षों पर विचार कीजिए।

Q3. एकल नागरिकता की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।

Q4. व्यस्क मताधिकार से क्या तात्पर्य है?

Q5. भारत की शासन व्यवस्था के स्वरूप को स्पष्ट कीजिए।

Q6. भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों की विशेषताओं का विवेचन कीजिए।

Q7. संविधान में मौलिक कर्तव्यों की व्याख्या का परीक्षण कीजिए।

Q7. नीति निर्देशक तत्वों को परिभाषित कीजिए।

Q8. राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों का वर्गीकरण कीजिए।

Q9. सहकारी संघवाद की व्यवस्था से आप क्या समझते हैं?

Q10. केंद्र राज्य संबंधों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Q11. राज्यों की राजनीति पर विभिन्न दृष्टिकोणों से विचार कीजिए।

Q12. लोकसभा का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।

Q13. भारतीय संसद की शक्तियों एवं कार्यों पर प्रकाश डालिए।

Q14. भारतीय राष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया स्पष्ट कीजिए।

Q15. प्रधानमंत्री की शक्तियों और स्थिति का परीक्षण करते हुए राष्ट्रपति के साथ उसके संबंधों पर प्रकाश डालिए।

Q16. भारतीय न्यायपालिका से आप क्या समझते हैं?

Q17. आधुनिक भारतीय न्यायपालिका का स्वरूप स्पष्ट कीजिए।

Q18. भारतीय सर्वोच्च न्यायालय का परिचय देते हुए उसकी आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डालिए।

Q19. सर्वोच्च न्यायालय और न्यायपालिका ने अपने क्षेत्राधिकार में किस प्रकार निरंतर वृद्धि की है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

Q20. न्यायिक सुधारों से आप क्या समझते हैं?

Q21. न्यायिक सक्रियता की अवधारणा स्पष्ट कीजिए।

Q22. दलीय व्यवस्था से आप क्या समझते हैं?

Q23. राजनीतिक दलों में कामकाज से संबंधित किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न में होती है? विवेचना कीजिए।

Q24. भारतीय राजनीतिक दलों का वर्गीकरण कीजिए।

Q25. चुनाव का अभिप्राय स्पष्ट करते हुए मताधिकार के महत्व पर चर्चा कीजिए।

Q26. चुनाव व्यवस्था में किस प्रकार की त्रुटियां निहित है? स्पष्ट कीजिए कि इनमें किस प्रकार से सुधार किए जा सकते हैं?

Q27. भारत में गठबंधन राजनीति की विभिन्न समस्याओं को लिखिए।

Q28. भारत में राजनीतिक कारक के रूप में धर्म की अवस्थिति पर टिप्पणी करते हुए धर्म एवं राजनीतिक के सहमेल के परिणामों पर प्रकाश डालें।

Q29. भारतीय राजनीति पर क्षेत्रीयवाद एवं पृथकवाद ने क्या प्रभाव डाला है? छोटे राज्यों के गठन से क्या? लोगों के जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार आए हैं?

Q30. मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक तत्वों के बीच अन्तर पर प्रकाश डालिए ।
Highlight the points of deference between Fundamental Rights and Directive Principles of State Policy.

Q31. भारत की संघीय प्रणाली की प्रकृति का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
Critically examine the nature of Indian federal system.

Q32. न्यायिक समीक्षा को परिभाषित कीजिए और भारतीय राजनीति में इसके महत्व की चर्चा कीजिए ।
Define judicial review and discuss its importance in Indian politics.

Q33. गठन की राजनीति क्या है? गठबंधन की राजनीति में जाति की भूमिका की चर्चा कीजिए ।
What is coalition politics? Discuss the role of caste in coalition politics.

BPS05 भारत में सरकार और राजनीति ( Government and Politics in India ) – Unsolved Question

SHORT QUESTION ANSWERS

Q1. 1812 का भारतीय परिषद अधिनियम किस प्रकार से एक महत्वपूर्ण प्रयास था?

Q2. संविधान सभा के द्वितीय सत्र की स्थिति स्पष्ट कीजिए।

Q3. भारतीय संविधान के निर्माताओं का उद्देश्य क्या था?

Q4. मूल अधिकार किन्हे कहा जाता है?

Q5. कनाडा के संविधान का भारतीय संविधान पर क्या असर पड़ा?

Q6. किन उद्देश्यों एवं आदर्शों का संविधान की प्रस्तावना द्वारा उल्लेख किया गया है?

Q7. ऐसा क्यों कहा जाता है कि प्रस्तावना संविधान की कुंजी है?

Q8. मौलिक अधिकार किस आधार पर व्यवहारिक कहे जा सकते हैं?

Q9. सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा का कर्तव्य नागरिक का किस प्रकार का कर्तव्य है?

Q10. संवैधानिक उपचारों के अधिकार से क्या तात्पर्य है?

Q11. अनुच्छेद 48 में क्या कहा गया है?

Q12. समतावाद की विचारधारा से क्या तात्पर्य है?

Q13. 1929 के बाल विवाह निषेध अधिनियम में क्या प्रावधान है?

Q14. संघात्मक व्यवस्था के अंतर्गत एक सर्वोच्च संघीय न्यायालय होना क्यों जरूरी है?

Q15. संविधान के 263वां अनुच्छेद में क्या प्रावधान है?

Q16. यह परिषद से संबंधित संविधान का अनुच्छेद कब स्वीकार किया गया था?

Q17. राज्यपाल की नियुक्ति किस तरह से की जाती है?

Q18. गठबंधन सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण क्यों है?

Q19. लोकसभा के चुनाव में किन सदस्यों को मतदान का अधिकार है?

Q20. लोकसभा निर्वाचन मंडल के रूप में किस तरह कार्य करती है?

Q21. संविधान संशोधन के मामले में राज्यसभा को किस तरह की शक्ति प्राप्त है?

Q22. रेल अभीसमय समिति किस प्रकार की समिति है?

Q23. याचिका समिति का कार्य क्या होता है?

Q24. राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल के सदस्य कौन होते हैं?

Q25. राष्ट्रपति किन-किन की नियुक्ति करता है?

Q26. धानमंत्री किस तरह से राष्ट्रपति और मंत्रिमंडल के बीच कड़ी का कार्य करता है?

Q27. प्राचीन काल में न्याय की अवधारणा धर्म के की सिद्धांतों के साथ जुड़ी हुई थी?

Q28. न्याय विभाग के अभाव में किस की कल्पना नहीं की जा सकती?

Q29. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल कब तक निश्चित किया किया गया है?

Q30. मानवाधिकार के विषय में चर्चा करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने कौन-सी चार प्रमुख विशेषताएं बताई है?

Q31. सर्वोच्च न्यायालय को संविधान का रक्षक क्यों कहा जाता है?

Q32. अपीलीय क्षेत्राधिकार से क्या अर्थ है?

Q33. न्यायिक पुनरावलोकन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q34. जनहित याचिका और न्यायिक सक्रियता एक दूसरे से किस तरह से संबंधित है?

Q35. कानूनी सहायता अधिनियम से किन लोगों को सहायता मिलती है?

Q36. कानून में किस प्रकार के भाषा संबंधी सुधार आवश्यक है?

Q37. भारत की दलीय व्यवस्था किस प्रकार की है?

Q38. भारतीय जनता पार्टी का निर्माण कब हुआ?

Q39. दलों को कोष की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

Q40. दलीय व्यवस्था में विखंडन किस प्रकार से समस्या उत्पन्न करता है?

Q41. क्षेत्रीय अथवा राज्य स्तरीय दल किसे कहा जाता है?

Q42. असम गण परिषद का गठन कब हुआ?

Q43. लोकतंत्र किस सिद्धांत पर आधारित है?

Q44. चुनाव कितने स्तरों पर होता है?

Q45. संविधान में चुनाव आयोग के नाम से किस आयोग की स्थापना की गई है?

Q46. चुनाव किस समय होगा इसका निर्णय किस प्रकार किया जाता है?

Q47. गोस्वामी समिति ने चुनाव सुधार संबंधी क्या सुझाव दिए थे?

Q48. मतदान आचरण को प्रभावित करने वाले राजनीतिक कारक कौन से हैं?

Q49. विधाई गठबंधन क्या है?

Q50. UPA के संदर्भ में संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

Q51. भारत में गठबंधन शासनों द्वारा कौन-कौन से परिवर्तन लाया गया?

Q52. संघवाद का मूलभूत सार क्या है?

Q53. किन देशों को मजहबी देश कहा जाता है और क्यों?

Q54. जाति क्या है?

Q55. संस्थापित जातियां किन जातियों को कहा जाता है?

Q56. पंजाब व हरियाणा कब निर्मित किए गए?

Q57. आठवीं योजना का लक्ष्य क्या था?

 

 

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