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BPS04 अंतर्राष्ट्रीय राजनीति – परीक्षा का मुख्य प्रश्न उत्तर – JMI BAG

BPS04

BPS04 अंतर्राष्ट्रीय राजनीति – परीक्षा का मुख्य प्रश्न उत्तर – JMI Bachelor in Arts ( BAG ) जामिया CDOL वार्षिक परीक्षा मॉडल प्रश्न पत्र – BPS04

BPS04

Course Title – अंतर्राष्ट्रीय राजनीति (International Politics)

Course Code – BPS04


BPS04 अंतर्राष्ट्रीय राजनीति (International Politics) – Solved Question

Q1. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को परिभाषित कीजिए तथा इसके प्रकृति एवं क्षेत्र की व्याख्या  कीजिए।
Define International politics and discuss its nature and scope

 

उत्तर:

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की परिभाषा (Definition)

साधारण शब्दों में अंतरराष्ट्रीय राजनीतिका अर्थ है राज्यों के मध्य राजनीति करना। यदि राजनीतिके अर्थ का अध्ययन करें तो तीन प्रमुख तत्व सामने आते हैं – (क) समूहों का अस्तित्व; (ख) समूहों के बीच सहमति; तथा (ग) समूहों द्वारा अपने हितों की पूर्ति। इस आशय को यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकलन करें तो ये तीन तत्व मुख्य रूप से – (1) राज्यों का अस्तित्व; (2) राज्यों के बीच संघर्ष; तथा (3) अपने राष्ट्रहितों की पूर्ति हेतु शक्ति का प्रयोग। अतः अंतरराष्ट्रीय राजनीति उन क्रियाओं का अध्ययन करना है जिसके अंतर्गत राज्य अपने राष्ट्र हितों की पूर्ति हेतु शक्ति के आधार पर संघर्षरत रहते हैं। इस सन्दर्भ में राष्ट्रीय हित अंतरराष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख लक्ष्य होते हैं; संघर्ष इसका दिशा निर्देश तय करती है; तथा शक्ति इस उद्देश्य प्राप्ति का प्रमुख साधन माना जाता है।

 

मुख्य रूप से हेंस जे. मारगेन्थाऊ, हेराल्ड स्प्राऊट, बोन डॉयक, थाम्पसन आदि इसके मुख्य समर्थक हैं जो इनकी निम्न परिभाषाओं से स्पष्ट हो जाता है –

(1) हेंस जे. मारगेन्थाऊअन्तर्राष्ट्रीय राजनीति शक्ति के लिए संघर्ष है।

(2) हेराल्ड स्प्राऊटस्वतन्त्रा राज्यों के अपने-अपने उद्देश्यों एवं हितों के आपसी विरोध-प्रतिरोध या संघर्ष से उत्पन्न उनकी प्रतिक्रिया एवं संबंधों का अध्ययन अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति कहलाता है।

(3) वोन डॉयक अंतरराष्ट्रीय राजनीति प्रभुसत्ता सम्पन्न राज्यों की सरकारों के मध्य शक्ति संघर्ष है।

(4) थाम्पसन राष्ट्रों के मध्य प्रारम्भ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ उनके आपसी संबंधों को सुधारने या खराब करने वाली परिस्थितियों एवं समस्याओं का अध्ययन अंतरराष्ट्रीय राजनीति कहलाता है।

 

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की प्रकृति  (Nature)

उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के स्वरूप के बारे में निम्न निष्कर्ष सामने आते हैं। 

(1) इन परिभाषाओं से एक बात बिल्कुल स्पष्ट रूप से प्रकट होती है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति अभी भी बदलाव के दौर से गुजर रही है। इसके बदलाव की प्रक्रिया अभी स्थाई रूप से स्थापित नहीं हुई है। अपितु यह अपने विषय क्षेत्र के बारे में आज भी नवीन प्रयोगों एवं विषयों के समावेश से जुड़ी हुई हैं।

 

(2) एक अन्य बात यह उभर कर आ रही है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति बहुत जटिल है। इसके अध्ययन हेतु बहुआयामी प्रयासों की आवश्यकता होती है।

 

(3) यह निश्चित है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अध्ययन का केन्द्र बिन्दु राज्य ही है, परन्तु यह भी काफी हद तक सही है कि इसके अंतर्गत राज्यों के अतिरिक्त विभिन्न संगठनों, समुदायों, संस्थाओं आदि का अध्ययन करना अति अनिवार्य हो गया है।

 

(4) अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अध्ययन हेतु विभिन्न स्तरों एवं आयामों का अध्ययन आवश्यक है। अतः इस विषय का अध्ययन अन्ततः अनुशासकीय आधार पर अधिक कुशलतापूर्वक हो सकता है।

 

(5) इसके अध्ययन हेतु नवीन दृष्टिकोणों की उत्पत्ति हो रही है। जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलाव आता है उसके अध्ययन एवं सामान्यीकरण हेतु नये उपागमों की आवश्यकता होती है। उदाहरणस्वरूप, द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जहां यथार्थवाद, व्यवस्थावादी, क्रीड़ा, सौदेबाजी, तथा निर्णयपरक उपागमों की उत्त्पत्ति हुई, उसी प्रकार अब उत्तर शीतयुद्ध युग में उत्तर आधुनिकरण, विश्व व्यवस्था, क्रिटिकल सिद्धान्त आदि की उत्पत्ति हुई। भावी विश्व में भी वैश्वीकरण व इससे जुड़े मुद्दों पर नये उपागमों के कार्यरत होने की व्यापक सम्भावनाएँ हैं।

 

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का क्षेत्र (Scope)

जैसा उपर्युक्त परिभाषाओं एवं स्वरूप से ज्ञात है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का विषय क्षेत्र बढ़ता ही जा रहा है। आज इसका विषय क्षेत्र काफी व्यापक हो गया है जिसके अंतर्गत निम्नलिखित बातों का अध्ययन किया जाता है-

(1) अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विषय में विभिन्न बदलाव के बाद भी आज भी इसका मुख्य केन्द्र बिन्दु राज्य ही है। मूलतः अंतरराष्ट्रीय राजनीति राज्यों के मध्य अन्तःक्रियाओं पर ही आधारित होती है। प्रत्येक राज्यों को अपने राष्ट्र हितों की पूर्ति हेतु अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति की सीमाओं में रह कर ही कार्य करने पड़ते हैं।

 

(2) अंतरराष्ट्रीय राजनीति का दूसरा महत्त्वपूर्ण कारक शक्ति का अध्ययन है। द्वितीय विश्वयुद्ध के उपरांत कई दशकों तक विशेषकर शीतयुद्ध काल में, यह माना गया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख उद्देश्य शक्ति संघर्षों का अध्ययन करना मात्रा ही है।

 

(3) अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक अन्य कारक अंतरराष्ट्रीय संगठनों का अध्ययन भी है। आधुनिक युग राज्यों के बीच बहुपक्षीय संबंधों का युग है। राज्यों के इन बहुपक्षीय संबंधों के संचालन में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।

 

(4) युद्ध व शान्ति की गतिविधियों का अध्ययन भी आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अभिन्न अंग बन गया है। यह सत्य है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति न तो पूर्ण रूप से सहयोग तथा न ही पूर्ण रूप से संघर्षों पर आधारित है।

 

(5) अंतरराष्ट्रीय राजनीति वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से राज्य अपने राष्ट्रीय हितों का संवर्धन एवं अभिव्यक्ति करते हैं। यह प्रक्रिया केवल एक समय की न होकर निरन्तर चलती रहती है। इस प्रक्रिया का प्रकटीकरण राज्यों की विदेश नीतियों के माध्यम से होता है।

 

(6) राष्ट्रों के मध्य सुचारू, सुसंगठित एवं सुस्पष्ट संबंधों के विकास हेतु कुछ नियमावली का होना अति आवश्यक होता है। अतः राज्यों के परस्पर व्यवहार को नियमित करने हेतु अंतरराष्ट्रीय कानूनों की आवश्यकता हेतु है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सुचारू स्वरूप एवं भविष्य के दिशा निर्देश हेतु भी इनकी आवश्यकता होती है।

 

(7) अंतरराष्ट्रीय राजनीति के वर्तमान स्वरूप से यह स्पष्ट है कि अब इस विषय के अंतर्गत राज्यों के अतिरिक्त गैर सरकारी संगठनों की भूमिकाएं भी महत्त्वपूर्ण होती जा रही हैं। दूसरी अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बढ़ते विषय क्षेत्र के साथ-साथ इसमें कार्यरत संस्थाओं एवं संगठनों का विकास भी हो रहा है। तीसरे, अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अंतर्गत कई महत्त्वपूर्ण मुद्दे भी आ रहे हैं, जो मानवता हेतु ध्यानाकर्षण योग्य बन गए हैं।

 

अतः अंतरराष्ट्रीय राजनीति का विषय क्षेत्र आज बहुत व्यापक व जटिल होने के साथ-साथ विकास की ओर अग्रसर है। इसके अंतर्गत विभिन्न परम्परागत कारकों के साथ-साथ गैर-परम्परागत कारकों का अध्ययन भी महत्त्वपूर्ण होता जा रहा है।

BPS04 अंतर्राष्ट्रीय राजनीति (International Politics) – Unsolved Questions

Q2. राष्ट्रीय हित क्या है? राष्ट्रीय हित के मुख्य घटकों की चर्चा कीजिए ।
What is national interest? Discuss the main components of national interest.

 

Q3.  विश्व में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के साधन के रूप में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था की आलोचनात्मक जांच कीजिए।
Critically examine collective security system as a means to establish peace and security in the World.

 

Q4. 21वी सदी में गुट-निरपेक्ष आंदोलन की प्रासंगिकता की चर्चा कीजिए।
Discuss the relevance of Non-Alignment Movement in 21st Century.

 

Q5. किन्हीं दो पर संक्षिप्त लेख लिखिए:

(a) वैश्वीकरण

(b) अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद

(c) कूटनीति

Write short notes on any two of the following:
a) Globalization
b) International Terrorism
c) Diplomacy

 

लघु प्रश्न – उत्तर (Short Quesiton – Answers) – अंतर्राष्ट्रीय राजनीति – BPS04

Q1. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का क्या अर्थ है?

Ans: अंतरराष्ट्रीय राजनीति तमाम उन क्रियाओं का अध्ययन करना है जिसके कलेवर में राज्य अपने राष्ट्र हितों की पूर्ति हेतु शक्ति के आधार पर संघर्ष में जुटे रहते हैं।

 

Q2. अंतरराष्ट्रीय राजनीति का स्वरूप कैसा है?

Ans : अंतरराष्ट्रीय राजनीति का स्वरूप स्थिति नहीं है परिवर्तनशील है जटिलताओं से परिपूर्ण है जैसे-जैसे इसमें परिवर्तन आया है इसके अध्ययन और सामान्यीकरण हेतु नए उपागमों की आवश्यकता होती है।

 

Q3. अंतरराष्ट्रीय राजनीति के तीसरे सौपान की क्या विशेषता रही?

 

Q4. अंतरराष्ट्रीय राजनीति को स्वायत्त विषय कहने के लिए विपक्ष में क्या तर्क दिया जाता है?

 

Q5. अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक में गैर राज्य अभिनेताओं द्वारा किन दो प्रकार की ताकतों का प्रयोग किया जाता है?

 

Q6. बहुत से विद्वान अंतरराष्ट्रीय राजनीति शब्द के स्थान पर विश्व राजनीति शब्द का प्रयोग क्यों करना चाहते हैं

 

Q7. अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में अंतर बताएं।

 

Q8. अंतरराष्ट्रीय संबंधों की व्यापक श्रेणियों का वर्णन करें।

 

Q9. यथार्थवाद की प्रमुख विशेषताएं क्या क्या है?

 

Q10. मारगेन्थाऊ द्वारा यथार्थवादी दृष्टिकोण में राष्ट्र के नैतिक मूल्यों के विषय में क्या तर्क दिया गया?

 

Q11. आदर्शवादी सिद्धांत की आलोचना के प्रमुख बिंदु क्या थे?

 

Q12. खेल उपागम या दृष्टिकोण से क्या अभिप्राय है?

 

Q13. राष्ट्रीय शक्ति का क्या अर्थ है?

 

Q14. शक्ति संतुलन का क्या अर्थ होता है?

 

Q15. गौण हितों का राष्ट्र में क्या स्थान होता है?

 

Q16. विदेश नीति के मुख्य लक्षण क्या-क्या होते हैं?

 

Q17. कूटनीति के क्या क्या कार्य होते हैं?

 

Q18. वर्तमान में सत्ता संतुलन में, युद्ध की क्या भूमिका है?

 

Q19. एक राजनीति प्रणाली होने के नाते, विचारधारा की दो मूल विशेषताएं क्या है?

 

Q20. उदार विचारधारा के 3 मूल सिद्धांत?

 

Q21. UK और USA की राजनीतिक संस्थाओं के ढाचों में बड़ा परिवर्तन क्यों नहीं आया है?

 

Q22. विचारधारा के अंत का क्या मतलब है?

 

Q23. पोस्ट-पूंजीवादी समाज में औद्योगिक तथा सामाजिक संघर्षों का क्या संबंध है?

 

Q24. भिन्न प्रकार के राष्ट्रीय हितों का वर्णन करें।

 

Q25. थॉमस डब्लू रॉबिनसन द्वारा परिभाषित, राष्ट्रीय हितों के व्यापक वर्गीकरण कौन से हैं?

 

Q26. राष्ट्रीय हितों को खतरनाक क्यों माना जाता है?

 

Q27. विकासहीन और विकासशील देश, विकसित देशों के साथ गठबंधन करना क्यों पसंद करते हैं?

 

Q28. शब्द शक्ति संतुलन का क्या मतलब?

 

Q29. शक्ति संतुलन को किन युक्तियों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है?

 

Q30. शक्ति संतुलन की अवधारणा किस परंपरा से जुड़ी हुई है?

 

Q31. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन को मापने में क्या मुश्किलें हैं?

 

Q32. राष्ट्र संघ के विफलता के क्या कारण है?

 

Q33. क्या सामूहिक सुरक्षा द्वारा शक्ति पर अंकुश लगाया जा सकता है?

 

Q34. यू एन चार्टर के पहले अनुच्छेद में क्या उद्देश्य किया गया है?

 

Q35. सामरिक परमाणु हथियारों की विशेषताएं क्या है?

 

Q36. उन देशो के नाम बताए जिन्होंने परमाणु हथियारों के प्रसार (एनपीटी) संधि को परमाणु हथियार राज्यों के रूप में स्वीकार किया है।

 

Q37. तकनीकी नियतिवाद क्या है?

 

Q38. UNSCOM क्या है?

 

Q39. विदेश नीति के आंतरिक तथा बाह्य तत्वों का क्या अर्थ है?

 

Q40. विदेश नीति में भूगोल की क्या भूमिका है?

 

Q41. आर्थिक संबंधों का प्रभाव किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारतीय विदेश नीति पर पड़ रहा है?

 

Q42. वर्तमान में भारतीय विदेश नीति की क्या स्थिति है?

 

Q43. वैचारिक दृष्टिकोण के अंतर्गत किस प्रकार का विश्लेषण किया जाता है?

 

Q44. यथार्थवादी और आदर्शवादी दृष्टिकोण में क्या अंतर है?

 

Q45. विदेश नीति विश्लेषण का क्या अर्थ है?

 

Q46. सेटिंग पद्धति से क्या अभिप्राय है?

 

Q47. अलगाववाद का क्या अर्थ है?

 

Q48. नैम की प्रशासनिक शैली किस प्रकार की है?

 

Q49. नई सहस्त्राब्दी में नैम आंदोलन की क्या भूमिका है?

 

Q50. नैम किस प्रकार आज भी प्रासंगिक हैं?

 

Q51. दुनिया के देशों को किस प्रकार विभिन्न समूह में वर्गीकृत किया जा सकता है?

 

Q52. एक पेशे के तौर पर कूटनीति की पहचान कब और कहां की गई?

 

Q53. डिप्लोमेसी शब्द की उत्पत्ति का स्रोत क्या है?

 

Q54. अपनी विदेश सेवा के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों के चयन हेतु प्रथम परीक्षा का आरंभ इंग्लैंड ने किस वर्ष में किया था?

 

Q55. एक लोकतांत्रिक देश के राजनीतिक की एक सर्वाधिकारवादी (एकदलीय) देश में क्या भूमिका होती है?

 

Q56. एक ऐसे राजनीतिज्ञ का नाम बताइए जिसे एक मुक्त कूटनीति का एक अहम समर्थक माना जाता है।

 

Q57. 1899 व 1907 की हेग विचार-सभा किस प्रकार की कूटनीति का उदाहरण है?

 

Q58. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किस प्रकार के देशों को एक गंभीरता से लेने लायक शक्ति माना जाता है?

 

Q59. भारतीय दर्शन के अनुसार किसी विवाद का निपटारा करने के लिए कौन सी विचार विधियां है?

 

Q60. दुनिया में किसी देश की किसी भी प्रकार की स्थिति के बावजूद उसके लिए अन्य देशों के साथ संबंध कायम करना महत्वपूर्ण होता है? परीक्षा करें।

 

Q61. नई विश्व व्यवस्था शब्दों का प्रयोग कब और क्यों किया गया था?

 

Q62. नई विश्व व्यवस्था की जगह किन विचारधाराओं ने जन्म लिया?

 

Q63. भूमंडलीकरण की प्रक्रिया का क्या अर्थ है?

 

Q64. भूमंडलीकरण का रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ा है?

 

Q65. राष्ट्र -राज्य का क्या अर्थ है?

 

Q66. हिंदु अतिवाद और मुस्लिम अतिवाद से क्या अभिप्राय है ?

 

Q67. गैट  और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में क्या अंतर है?

 

Q68. गेट के कृषि संबंधी समझोते में क्या कार्य आते हैं

 

Q69. आफिशियल यूनाइटेड स्टेट्स कोड के द्वारा क्या समझते हैं?

 

Q70. आतंकवादी गुटों के प्रमुख विभाजन कौन से हैं?

 

Q71. आतंकवाद का सामना करने के लिए जिन दों कदमों को उठाने की आवश्यकता है उनका वर्णन करें।

 

Q72. आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में अमेरिका की क्या भूमिका है?

 

Q73. अपरंपरागत आतंकवाद का क्या अर्थ है?

 

Q74. परंपरागत आतंकवाद अपरंपरागत आतंकवाद से किस प्रकार भिन्न है?

 

Q75. किसी एक तरीके का वर्णन कीजिए जिसके द्वारा अपरंपरागत आतंकवाद लोगों के बीच भय उत्पन्न कर सकता है?

 

Q76. आतंकवादी हमलों के बाद स्वास्थ्य सेवा तंत्रों के समक्ष पेश आने वाली किन्हीं दो चुनोतियों का वर्णन करें।

 

दीर्घ प्रश्न – उत्तर (Long Question – Answers) – अंतर्राष्ट्रीय राजनीति – BPS04

Q1. अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अर्थ एवं स्वरूप स्पष्ट करते हुए विभिन्न विद्वानों की परिभाषाओं का उल्लेख कीजिए।

 

Q2. अंतरराष्ट्रीय राजनीति के उद्गम एवं विकास का विस्तार से वर्णन कीजिए।

 

Q3. अंतरराष्ट्रीय संबंधों को स्वायत्त विषय मानने के पक्ष व विपक्ष के तर्कों पर प्रकाश डालिए।

 

Q4. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सिद्धांतों के कुछ प्रामाणिक प्रश्नों का उल्लेख करें।

 

Q5. विद्वान, अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक में तथ्यों तथा जानकारी संग्रहण की ओर ज्यादा ध्यान क्यों देते हैं? विस्तार से स्पष्ट कीजिए।

 

Q6. एक विषय के रूप में, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए उसकी प्रकृति का वर्णन कीजिए।

 

Q7. यथार्थवाद के सिद्धांत को अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में स्पष्ट करते हुए इसकी आलोचना के बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।

 

Q8. आदर्शवादी उपागम की मान्यताएं क्या-क्या है? व्यवस्थापरक उपागम पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q9. निर्णय परम उपागम का अर्थ स्पष्ट करते इसकी आलोचना के कारणों पर प्रकाश डालिए।

 

Q10. खेल उपागम का क्या अर्थ है? संचार उपागम का आलोचनात्मक वर्णन प्रस्तुत कीजिए।

 

Q11. राष्ट्रीय शक्ति से क्या अभिप्राय है? इसके प्रमुख तत्वों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

 

Q12. राष्ट्रीय हित के लिए राष्ट्र जिन साधनों का प्रयोग करते हैं उनका विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

 

Q13. राष्ट्रीय हित प्राप्ति के तरीकों पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q14. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सत्ता एवं उनके महत्व पर सारगर्भित निबंध लिखिए।

 

Q15. साम्यवाद तथा राजनीतिक विचारधाराओं पर विस्तृत लेख लिखिए।

 

Q16. सार्वजनिक संचालन में, विचारधारा आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश करने की भूमिका निभाती है। टिप्पणी दीजिए।

 

Q17. विचारधारा के पतन के भिन्न  कारणों का आकलन कीजिए।

 

Q18. कॉल पापर ने अपनी किताब, दी ओपन सोसाइटी एंड इट्स एनिमीज में क्या कहां है?

 

Q19. विचारधारा को किस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए

 

Q20.  जोसेफ फ्रैंकल ने किस प्रकार राष्ट्रीय हित का वर्गीकरण किया है?

 

Q21. पूरक और परस्पर विरोधी राष्ट्रीय हितों के बीच क्या अंतर होता है?

 

Q22. भिन्न प्रकार के राष्ट्रीय हितों का वर्णन करें। प्रत्येक का उदाहरण देकर समझाएं।

 

Q23. थॉमस डब्लू  रॉबिंसन ने किस प्रकार राष्ट्रीय हितों को वर्गीकृत किया है?

 

Q24. एक देश की मीडिया में विदेशी निवेश के बारे में आपके क्या विचार हैं? यह देश के राष्ट्रीय हीतों को किस प्रकार प्रभावित करता है?

 

Q25. शक्ति संतुलन युद्ध के लिए कैसे प्रोत्साहित करता है?

 

Q26. बफर राज्य पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

 

Q27. पामर और पर्किन्स द्वारा परिभाषित शक्ति संतुलन की विशेषताएं क्या है?

 

Q28. कुछ विद्वानों द्वारा शक्ति संतुलन को क्यों एक उपयोगी अवधारणा माना जाता है? स्पष्ट कीजिए।

 

Q29. क्यों एक अवधारणा के रूप में शक्ति-संतुलन कुछ विद्वानों द्वारा अप्रचलित माना जाता है?

 

Q30. शक्ति संतुलन की अवधारणा में गठबंधन और जवाबी गठबंधनों की भूमिका को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

 

Q31. सामूहिक सुरक्षा के विषय में क्लाड द्वारा क्या कहा गया ?

 

Q32. सामूहिक सुरक्षा की अवधारणा स्पष्ट करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लेख कीजिए।

 

Q33. अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता एवं विश्व जनमत पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q34. यूएन चार्टर में सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांत लागू करने में किस में दर्ज प्रावधानों का विस्तार से उल्लेख कीजिए।

 

Q35. सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांत पर आलोचनात्मक टिप्पणी लिखिए।

 

Q36. निरस्त्रीकरण की बहस पर एक वर्तमान टिप्पणी लिखें।

 

Q37. परमाणु शीत की अवधारणा पर कथन कीजिए।

 

Q38. परमाणु निषेध पर छोटी टिप्पणी लिखें।

 

Q39. ईरान, इराक, भारत और उत्तर कोरिया द्वारा गैर परमाणु अनुरूप अवज्ञा के घटनाक्रम के बारे में बताएं।

 

Q40. 1970 के बाद किए गए प्रसार विरोधी कुछ उपाय क्या है?

 

Q41. केनेथ अवधारणा क्या है? यह कैसे उपयोगी है?

 

Q42. विखंडन हथियारों और संलयन हथियारों के बीच क्या अंतर है?

 

Q43. परमाणु हथियारों के प्रभाव का वर्णन कीजिए?

 

Q44. विदेश नीति को परिभाषित करते हुए एक राष्ट्र के संदर्भ में विदेश नीति के महत्व पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q45. राष्ट्र की आर्थिक स्थिति, शक्ति संरचना तथा परंपराएं किस प्रकार विदेश नीति को प्रभावित करती है? स्पष्ट कीजिए?

 

Q46. विदेश नीति के निर्धारक तत्व का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

 

Q47. विदेश नीति के आधारभूत तत्वों को भार के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

 

Q48. विदेश नीति के दृष्टिकोण पर टिप्पणी प्रस्तुत कीजिए।

 

Q49. मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा मनो-विश्लेषक दृष्टिकोण का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए।

 

Q50. निर्णय दृष्टिकोण का विस्तार से वर्णन कीजिए।

 

Q51. विदेश नीति विश्लेषण को स्पष्ट करते हुए निर्णय लेने के दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में समझाए।

 

Q52. एजेंट केंद्रित दृष्टिकोण पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q53. गुटनिरपेक्षता की अवधारणा पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

 

Q54. गुटनिरपेक्षता की उत्पत्ति के विभिन्न चरणों का विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

 

Q55. गुटनिरपेक्षता आंदोलन के विकास पर विस्तृत आलेख लिखिए।

 

Q56. गुटनिरपेक्षता की प्रासंगिकता महत्व को स्पष्ट कीजिए।

 

Q56. 21वीं सदी के राजनयिक के गुणों का वर्णन करें।

 

Q57. ‘तेल पर आधारित कूटनीति’ के सिद्धांतों का वर्णन करें।

 

Q58. वैश्वीकरण की अवधारणा स्पष्ट करते हुए भूमंडलीकरण के इतिहास का विस्तृत उल्लेख कीजिए।

 

Q59. भारतीय परिदृश्य में भूमंडलीकरण के परिणामों पर टिप्पणी लिखिए।

 

Q60. आतंकवाद शब्द के द्वारा आप क्या समझते हैं? वर्तमान विश्व व्यवस्था में इसके निहितार्थों पर चर्चा कीजिए।

 

Q61. आतंकवादी हमलों के प्रमुख प्रभाव क्या है?

 

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