इंटरनेट के लाभ , हानि और इसके दुरुपयोग पर सविस्तार प्रकाश डालिए

इन्टरनेट, आधुनिक विज्ञान का एक ऐसा अविष्कार है जिसने पूरी दुनिया को समेटने में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभायी है। इन्टरनेट के माध्यम से हम दुनिया के किसी भी जगह रहने वाले व्यक्ति से आमने-सामने बात कर सकते है, चैटिंग कर सकते है,यहाँ तक की विभिन्न विषयों की जानकारी आसानी से आदान-प्रदान कर सकते है।

इंटरनेट के लाभ

इंटरनेट के लाभ , हानि और दुरुपयोग के बारे में जानने से पहले आइये जानते है की इन्टरनेट क्या होता है

इंटरनेट क्या है?

इंटरनेट (Internet) एक विश्व स्तर पर जुड़ा नेटवर्क सिस्टम है जो विभिन्न प्रकार के मीडिया के माध्यम से डेटा संचारित करने के लिए टीसीपी / आईपी (TCP/IP) का उपयोग करता है। इंटरनेट वैश्विक एक्सचेंजों का एक नेटवर्क है – जिसमें निजी, सार्वजनिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक और सरकारी नेटवर्क शामिल हैं – निर्देशित, वायरलेस और फाइबर-ऑप्टिक प्रौद्योगिकियों द्वारा जुड़ा हुआ है।

इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब (www) का उपयोग अक्सर एक-दूसरे के लिए किया जाता है, लेकिन वे वास्तव में एक ही चीज नहीं हैं; इंटरनेट हार्डवेयर और बुनियादी ढांचे सहित वैश्विक संचार प्रणाली को संदर्भित करता है, जबकि वेब इंटरनेट पर संचारित सेवाओं में से एक है।

इंटरनेट के लाभ , हानि और इसके दुरुपयोग का वर्णन निम्न प्रकार से किया गया है:-

इंटरनेट के लाभ

  1. ऑनलाइन बिल: इंटरनेट की मदद से आसानी से हम घर बैठे अपने सभी बिलों का भुगतान कर सकते हैं।इंटरनेट पर हम क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग की मदद से कुछ ही मिनटों में बिजली, टेलीफोन, डीटीएच, या ऑनलाइन शॉपिंग के सभीबिलों का भुगतान कर सकते हैं।
  1. सूचना भेज और प्राप्त कर सकते हैं: भले ही आप विश्व के किसी भी कोने में बैठे हो एक जगह से दूसरी जगह कई प्रकार की जानकारियाँ या सूचना कुछ ही सेकंड में भेज और प्राप्त कर सकते हैं। आज इंटरनेट पर वॉइस कॉल, वॉइस मैसेज, ईमेल, वीडियो कॉल, कर सकते हैं और साथी कई प्रकार के अन्य फाइल भी भेज सकते हैं।
  1. ऑनलाइन ऑफिस: कुछ ऐसी बड़ी कंपनी है जो अपने कर्मचारियों के लिए घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से काम करने की सुविधा देते हैं। कई ऐसी ऑनलाइन मार्केटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़ी कंपनियां है जिसके कर्मचारी अपने घर पर ही लैपटॉप और मोबाइल फोन पर इंटरनेट के माध्यम से मार्केटिंग का काम करते हैं।
  1. ऑनलाइन शॉपिंग: अब लोगों को बार-बार दुकान जाने की आवश्यकताभी नहीं है क्योंकि अब आप घर बैठे इंटरनेट की मदद से ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं और बिना कोई मोल-भावकिए सस्ते दामों मैं सामान खरीद सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट की मदद से आज सिर्फ आप सामान खरीद सकते हैं बल्कि आप चाहें तो अपने परिवार और रिश्तेदारों को गिफ्ट भी भेज सकते हैं।
  1. व्यापार को बढ़ाव: जैसे की हम जानते हैं अब इंटरनेट घर घर मेंअपनी जगह बना चुका है। इसीलिए इंटरनेट के माध्यम से अगर आप चाहें तो अपने व्यापार को बहुत आगे ले जा सकते हैं। विश्व की सभीबड़ी कंपनियां अपने व्यापार को और आगे ले जाने के लिए इंटरनेट की मदद ले रहे हैं।
  1. ऑनलाइन नौकरी की जानकारी आवेदन: अब नौकरियों के लिए आवेदन और जानकारी प्राप्त करना भी बहुत आसान हो गया है।अब आप आसानी से घर बैठे जॉब पोर्टल वेबसाइट की मदद से किसी भी नौकरी के विषय में जान सकते हैं और उनके वेबसाइट पर जाकर नौकरी के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।
  1. मनोरंजन: इस आधुनिक युग में अब इंटरनेट घर घर में मनोरंजन का साधन बन चुका है। खाली समय में हम इंटरनेट की मदद से गाना सुन सकते हैं, फिल्में और टेलीविज़न देख सकते हैं। साथ ही हम ऑनलाइन अपने दोस्तों से सोशल मीडिया या सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर चैट भी कर सकते है।

इंटरनेट के नुक्सान / हानि

  1. समय की बर्बादी: जो लोग इंटरनेट को अपने ऑफ़िस के काम के लिए और जानकारी लेने के लिए उपयोग करते हैं उनके लिए तो इंटरनेट बहुत लाभदायक होता है परन्तु जो लोग बिना किसी मतलब इसे अपनी आदत बना लेते हैं उनके लिए यह समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं। हमें इंटरनेट को समय के अनुसार उपयोग करना चाहिये।
  1. इन्टरनेट फ्री नहीं होता है: इंटरनेट का कनेक्शन तभी हमें लेना चाहिए जब हमें इसकी ज़रुरत हो क्योंकि लगभग सभी इंटरनेट प्रदान करने वाली कंपनियां इंटरनेट का भारी चार्ज लेते हैं। अगर आपको इंटरनेट की आवश्यकता ज्यादा नहीं पड़ती है तो आप कोई प्री-पेड इंटरनेट सर्विस ले सकते हैं जिसकी मदद से आप जब चाहें तब रिचार्ज करवा कर इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।
  1. शोषण, अश्लीलता और हिंसक छवियां: इंटरनेट पर संचार की गति बहुत तेज़ है। इस लिए लोग अपने किसी दुश्मन या जिसको बदनाम करना चाहते हों उसने विषय में ऑनलाइन गलत प्रचार करके शोषण और अनुचित लाभ उठाते हैं। साथ ही इंटरनेट पर कई ऐसे वेबसाइट हैं जिन पर अश्लील चीजें हैं जिनके कारण कम उम्र के बच्चों को गलत शिक्षा मिल रही है।
  1. पहचान की चोरी, हैकिंग, वायरस और धोखाधड़ी: क्या आपको पता है आप जिन भी वेबसाइट पर अपना अकाउंट रजिस्टर करते हैं उनमें से लगभग 50-60% कंपनियां आपके निजी जानकारियों को बेचती हैं या उनका दुरुपयोग करती है। कुछ लोग इंटरनेट की मदद से आपके जरूरी जानकारियों को भी हैक कर सकते हैं।
  1. स्पैम ईमेल और विज्ञापन: इंटरनेट से लोगों की निजी जानकारियाँ और Email Id को चुरा कर कई धोखेबाज़ कंपनियां झूठे ईमेल भेजती हैं जिनसे वो उन्हें ठकते हैं। उन ही ईमेल का रिप्लाई भेजें जिनकी आपको आवश्यकता है।
  1. इंटरनेट की लत और स्वास्थ्य प्रभाव: दुनिया में वह शराब की लत हो या किसी और चीज की शरीर के लिए ठीक नहीं होता है। कई इसे लोग होते हैं जो इंटरनेट के बिना न खाते हैं और ना पीते हैं। इंटरनेट से भी कई प्रकार के बुरे स्वास्थ्य प्रभाव पड़ते हैं जैसे वज़न बढना, पैरों और हाथों में दर्द, आँखों में दर्द और सूखापन, कार्पल टनल सिंड्रोम, मानसिक तनाव, कमर में दर्द आदि।

इंटरनेट का दुरुपयोग

विद्यार्थियों के लिए इसकी उपलब्धता जितनी लाभदायक है उतनी ही नुकसानदायक भी है। बच्चे अपने माता-पिता से छुपकर इसके माध्यम से गलत व्यवसाइयों का भी इस्तेमाल करते हैं जो कि उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाता है। ज्यादातर माता-पिता इस खतरे को समझते हैं लेकिन कुछ नजरअंदाज करते कर देते हैं, और खुलकर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए घर में बच्चों द्वारा इंटरनेट का इस्तेमाल अभिभावकों की देखरेख में होनी चाहिए। 

  1. इन्टरनेट एडिक्शन डिसऑर्डरएडिक्शन डिसऑर्डर एक बीमारी है जिसमे इन्टरनेट उपयोगकर्ता को इन्टरनेट की लत लग जाती है,बिना इन्टरनेट के वह अकेला महसूस करता है तथा स्वभाव चिडचिड़ा हो जाता है।

         इन्टरनेट एडिक्शन डिसऑर्डर के कुछ संकेत 

  • इन्टरनेट उपयोगकर्ता द्वारा नेट पर 5 से 10 घंटे बिताना या आनलाइन रहना।
  • घर से बाहर न निकलना या निकालने का वक्त कम हो जाना।
  • कंप्यूटर के सामने भोजन करना।
  • दोस्तों तथा पारिवारिक सदस्यों,मित्रो से कम मिलाना।
  • सामाजिक उत्सवो तथा त्योहारों में हिस्सा न लेना।
  • दिन में कई बार अपना ई – मेल चेक करना।
  1. स्थिती सुधारने हेतु सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदम: सरकार अपने स्तर से भी इन्टरनेट के दुरुपयोग रोक सकती है जिसके लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे –
  • इन्टरनेट पर उपलब्ध कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का चैनल बनाना चाहिए जिससे कि देश के युवाओ को गन्दी सामग्रिया नहीं परोसी जा सके ।
  • सोशल साइट के उपयोग के लिए भी उम्र सीमा निर्धारित करना चाहिए तथा सोशल साइटों पर अकाउंट बनाने के लिए उम्र दस्तावेज तथा अभिवावक की सहमति आवश्यक होनी चाहिए।
  • विद्यालयों में प्रोजेक्ट(जिसमे इन्टरनेट की आवश्यकता हो) आदि बनाने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कि छात्र अध्यापक के निगरानी में प्रोजेक्ट बना सके।
  1. अभिवावक के स्तर से उठाने जाने वाले कदम: अभिवावक भी अपने स्तर से भी इन्टरनेट के दुरुपयोग रोक सकते है जिसके लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे –
  • अपने बच्चो द्वारा इन्टरनेट के उपयोग की अवधि पर नियंत्रण रखने चाहिए।
  • अपने कंप्यूटर सिस्टम पर अभिवावक नियंत्रण प्रणाली स्थापित करना चाहिए तथा अवाछित सामग्रियों को ब्लैक लिस्टेड कर देना चाहिए।
  • बच्चों को इन्टरनेट के महत्व के बारे में बताना चाहिए तथा उसके सदुपयोग की सलाह देना चाहिए

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निष्कर्ष: प्रकार हम कह सकते हैं कि सूचना का अतिभार भी मनुष्य मात्र के लिए ही नहीं समाज के लिए भी घातक सिद्ध होता है। इससे मनुष्य स्वयं चिंतन करने और अपनी समस्याओं को पूर्णता विकसित करने में असमर्थ हो जाता है। इंटरनेट को सही तरीके से अपने ज़रुरत और काम में लगायें। इसे एक गलत आदत और स्वास्थ्य बिगाड़ने का कारण ना बनायें।

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